UP Constable Paper Leak: यूपी पेपर लीक केस में बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में यूपी की एसटीएफ यूनिट ने दिल्ली पुलिस के एक कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया है। कांस्टेबल पर आरोप है कि उसने परीक्षा के प्रश्न पत्र पढ़ने और हल करने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए हरियाणा के गुरुग्राम में एक रिसॉर्ट की व्यवस्था की थी। वो गैंग का हिस्सा था। अभी तक इस मामले में 400 से ज्यादा लोग अरेस्ट हो चुके हैं।
20 लाख रुपये में बुक हुआ रिसॉर्ट, 500 से ज्यादा स्टूडेंट्स को दिया पेपर, दिल्ली पुलिस का कांस्टेबल पेपर लीक कांड में था शामिल
UP Constable Paper Leak: यूपी पेपर लीक केस में बड़ा खुलासा हुआ है।
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दिल्ली पुलिस का सिपाही विक्रम पहल
24 Apr 2024 (अपडेटेड: Apr 24 2024 11:56 AM)
दिल्ली पुलिस का सिपाही निकला नटवरलाल!
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एसटीएफ के मुताबिक, आरोपी को बागपत में पेरिफेरल एक्सप्रेसवे फ्लाईओवर के पास से गिरफ्तार किया गया। आरोपी की पहचान हरियाणा के जिंद निवासी विक्रम पहल के रूप में हुई है। विक्रम 2010 में दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के रूप में भर्ती हुआ था और उसने लगभग 14 सालों तक विभिन्न यूनिट्स में काम किया है।
बचपन के दोस्त ने मिलवाया मास्टरमाइंड से!
आरोपी अपने बचपन के दोस्त हरियाणा के सोनीपत के नितिन के माध्यम से प्रश्न पत्र लीक मामले के दो कथित मास्टरमाइंडों में से एक रवि अत्री से मिला और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक करने में शामिल हो गया। आरोपी ने हरियाणा के गुरुग्राम के मानेसर में नेचर वैली रिजॉर्ट की व्यवस्था की थी, जहां 500 से अधिक अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र पढ़ने और हल करने के लिए कहा गया था।
राजीव की गिरफ्तारी के बाद मिले थे सिपाही के बारे में सुराग
इससे पहले सिपाही भर्ती का पेपर लीक करने वाला असली मास्टरमाइंड राजीव उर्फ राहुल मिश्रा समेत दो लोगों को एसटीएफ ने दबोचा था। पता चला है कि प्रिंटिंग प्रेस के नेटवर्क से यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ था। प्रिंटिंग प्रेस से पेपर निकलने के बाद क्वेश्चन पेपर को ट्रांसपोर्ट करने वाली कंपनी ने लीक किया था।
अब तक 400 गिरफ्तार
जांच में पता चला था कि UPTET पेपर लीक मामले में भी राजीव उर्फ राहुल मिश्रा ही असली मास्टरमाइंड था। बता दें कि बीते 17 /18 फरवरी को उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही भर्ती परीक्षा हुई थी। इसके बाद सोशल मीडिया में पेपर लीक होने के सबूत अपलोड कर दिए गए थे। इसके बाद यूपी सरकार ने ये परीक्षा रद्द कर दी थी। पेपर लीक होने के बाद पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड की DG रेणुका मिश्रा को भी हटा दिया गया था। इसकी जांच सरकार ने एसटीएफ को सौंपी थी।
आरोपी ने किया था ये खुलासा
गिरफ्तार हुए आरोपियों में मुख्य आरोपी राजीव नयन मिश्रा और रवि अत्री ने ही दिल्ली पुलिस के सिपाही विक्रम को पेपर दिया था। राजीव मिश्रा और रवि अत्री के नेटवर्क से जुड़े अभिषेक शुक्ला ने पेपर ट्रांसपोर्ट करने वाली कंपनी के दो कर्मचारियों से पुलिस भर्ती का पेपर निकलवाया था।
जांच में पता चला है कि दिल्ली पुलिस का सिपाही विक्रम पहल, राजीव नयन मिश्रा रवि अत्री और अभिषेक शुक्ला गुरुग्राम में 1000 अभ्यर्थियों को रिसोर्ट में इकट्ठा कर पेपर से 2 दिन पहले अभ्यार्थियों को पेपर की तैयारी करने वाले नेटवर्क से सीधे जुड़े हैं।
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