Sister Abhaya Murder Case: किसी भी लड़की की वर्जिनिटी टेस्ट (virginity test) कराने को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है. दिल्ली हाई कोर्ट ने 7 फरवरी को सिस्टर अभया मर्डर केस (Abhaya Murder Case) से जुड़ी आरोपी नन का पुलिस कस्टडी के दौरान कौमार्य परीक्षण यानी वर्जिनिटी टेस्ट (virginity test) कराए जाने को असंवैधानिक करार दिया है. कोर्ट ने कहा कि किसी भी महिला आरोपी या दोषी का जुडिशियल कस्टडी (Judicial Custody) या फिर पुलिस हिरासत के दौरान वर्जिनिटी टेस्ट (virginity test) नहीं कराया जा सकता है. ऐसा कराना पूरी तरह से असंवैधानिक है.
Virginity Test : सिस्टर अभया मर्डर केस में वर्जिनिटी टेस्ट को असंवैधानिक करार देते हुए कोर्ट ने कही ये बड़ी बात
sister Abhaya murder case virginity test unconstitutional : सिस्टर अभया मर्डर केस में दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला. कोर्ट ने कहा कौमार्य परीक्षण यानी वर्जिनिटी टेस्ट कराना असंवैधानिक.
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Sister Abhaya murder case
07 Feb 2023 (अपडेटेड: Mar 6 2023 4:36 PM)
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा हर इंसान की गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए. बुनियादी गरिमा का अधिकार हर किसी को है. कोर्ट ने ये बात साल 1992 के सिस्टर अभया मर्डर केस में सिस्टर सैफी की वर्जिनिटि टेस्ट पर कहा है. कोर्ट ने कहा है कि किसी का भी वर्जिनिटी टेस्ट कराया जाना उसके मौलिक अधिकार आर्टिकल-21 का उल्लंघन है. असल में कोर्ट ने ये फैसला इसलिए दिया क्योंकि सिस्टर सैफी की वर्जिनिटी टेस्ट की रिपोर्ट लीक हो गई थी. इस मामले में कोर्ट ने पहले ही पूरे मामले पर संवेदनशील रहने के लिए कहा था. इस मामले की जांच कर रही सीबीआई ने नन सैफी का वर्जिनिटी टेस्ट कराया था.
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क्या है सिस्टर अभया मर्डर केस
What is Sister Abhaya Murder Case hindi : सिस्टर अभया मर्डर केस साल 1992 का है. असल में 27 मार्च 1992 को केरल के कोट्टायम के सेंट पायस कॉन्वेंट एरिया के कुएं में एक लेडी की लाश मिली थी. पहले इसे सुसाइड केस होने का दावा किया गया था. ये मरने वाली लड़की सिस्टर अभया थी. लोकल पुलिस ने इसे आत्महत्या का केस माना था. लेकिन सवाल उठाए जाने पर सीबीआई जांच शुरू की गई. करीब एक साल 1993 में सीबीआई ने जांच शुरू की थी. सीबीआई ने साल 2009 में चार्जशीट दाखिल की थी. इसमें दावा किया गया था कि सिस्टर अभया ने सुसाइड नहीं किया था. बल्कि उनका मर्डर हुआ था. मर्डर करने में नन सैफी, फादर कोट्टूर और फादर जोस का नाम आया था.
इस वजह से सीबीआई ने शुरु की थी जांच
Sister Abhaya murder case : असल में ये दावा किया गया था कि सिस्टर अभया ने नन सैफी, फादर कोट्टूर और फादर जोस को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था. इसके बाद इस सच को हमेशा के लिए दबाने के एवज में तीनों ने मिलकर सिस्टर अभया का गला दबा दिया था. उसी दौरान सिस्टर सेफी ने कुल्हाड़ी से भी हमला किया था. जिसके बाद सिस्टर अभया की मौत हो गई थी. उसके बाद उसकी लाश को कुएं में फेंक दी गई थी ताकि ये केस सुसाइड का लगे. इस केस में फादर जोस को सबूतों के अभाव में छोड़ दिया गया था जबकि साल 2020 में सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने नन सेफी और फादर कोट्टूर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. हालांकि, पिछले साल यानी जून 2022 में ही केरल हाईकोर्ट ने सजा पर रोक लगा दी और दोनों को जमानत दे दी थी. इसके बाद सिस्टर सेफी की तरफ से उनकी वर्जिनिटी रिपोर्ट लीक करने को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की गई थी और कहा गया था कि ये उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है. जिस पर अब फैसला आया है.
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